प्रोटोकॉल के माध्यम से किए गए संशोधनों/अद्यतनों के साथ, प्रसिद्ध जिनेवा कन्वेंशन आज, (2011) में निम्नलिखित पाठ के साथ आता है:
1- युद्धरत देश एक-दूसरे के खिलाफ रासायनिक हथियारों का उपयोग नहीं कर सकते।
2- विस्फोटक गोलियों या ऐसी सामग्री का उपयोग जो पीड़ितों को अनावश्यक पीड़ा का कारण बनती है, निषिद्ध है।
3- प्रोजेक्टाइल के साथ गुब्बारों पर बमबारी निषिद्ध है।
4- युद्धबंदियों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए और उन्हें हिंसा से बचाया जाना चाहिए। उन्हें पीटा नहीं जा सकता या प्रचार उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
5- युद्धबंदियों को अपना वैध नाम और रैंक प्रदान करना चाहिए। जो झूठ बोलेगा वह अपनी सुरक्षा खो सकता है।
6- राष्ट्रों को मृतकों और घायलों की पहचान करनी चाहिए और उनके परिवारों को सूचित करना चाहिए।
7- आत्मसमर्पण करने वाले किसी व्यक्ति को मारना निषिद्ध है।
8- युद्ध क्षेत्रों में, ऐसे सीमांकित क्षेत्र होने चाहिए जहां बीमारों और घायलों को स्थानांतरित और इलाज के लिए ले जाया जा सके।
9- लाल क्रॉस से चिह्नित नागरिक अस्पतालों को हमलों से विशेष सुरक्षा दी जाएगी।
10- दवाओं के मुक्त आवागमन की अनुमति है।
11- प्रतिद्वंद्वी द्वारा डुबोए गए जहाजों के चालक दल को बचाया जाना चाहिए और सुरक्षित रूप से मुख्य भूमि पर ले जाया जाना चाहिए।
12- कोई भी सेना जो किसी देश पर नियंत्रण करती है, उसे उसके स्थानीय निवासियों के लिए भोजन उपलब्ध कराना होगा।
13- असुरक्षित शहरों पर हमले निषिद्ध हैं।
14- पनडुब्बियां वाणिज्यिक या यात्री जहाजों को यात्रियों और चालक दल को निकालने से पहले नहीं डुबो सकतीं।
15- एक कैदी से उसके देश का एक प्रतिनिधि मिल सकता है। उन्हें दुश्मन की उपस्थिति के बिना, निजी तौर पर बात करने का अधिकार है।



