ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की सबसे बड़ी जीत क्या रही, नई दिल्ली घोषणापत्र में खास क्या है
दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन रविवार को खत्म हो गया. इसकी सफलता यह रही कि साझीदार देशों ने 45 पन्नों और 140 बिंदुओं वाले नई दिल्ली घोषणापत्र को सर्वसम्मति से स्वीकार किया. इसकी दूसरी सफलताओं के बारे में बता रहे हैं डॉ मनीष दाभाडे.
मिडिल ईस्ट अपडेट्स: सऊदी प्रिंस की US सेंट्रल कमांड चीफ से मुलाकात, ओमान में गल्फ बैठक टली, ट्रंप का नया ऐलान
ओमान में सोमवार को ईरान और खाड़ी देशों के बीच एक बैठक होनी थी. इस बैठक का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज) को फिर से खोलने पर बातचीत करना था. यह दुनिया का सबसे अहम तेल शिपिंग रूट है.
नोएडा में घर के बाहर से मोबाइल स्नैचिंग CCTV में कैद, पुलिस बोली- हमारी गाड़ियां उनका मुकाबला नहीं कर पातीं
नोएडा के सेक्टर-22 में दो बाइक सवार बदमाशों ने एक युवक से मोबाइल फोन छीन लिया. पीड़ित ने बदमाशों का पीछा भी किया और पुलिस से मदद मांगी, लेकिन आरोपी फरार हो गए.
राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा का दबदबा, 9,900 में से 4,026 वार्डों में जीत, कांग्रेस 3,438 पर सिमटी
राजस्थान नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस पर बढ़त बनाते हुए 9,900 वार्डों में से 4,026 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस को 3,438 सीटें मिलींय. जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा में भाजपा का दबदबा रहा, जबकि अजमेर, बीकानेर और पाली में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया.
BRICS 2026 के बाद, भारत के लिए असली चुनौती पश्चिम के साथ संतुलन बनाना
भारत को पश्चिमी देशों की पूंजी और तकनीक की उतनी ही जरूरत है जितनी पश्चिमी देशों को भारत की एक मैन्युफैक्चरिंग बेस और रणनीतिक साझेदार के तौर पर. यह आपसी निर्भरता है, न कि भारत का जूनियर पार्टनर बनना.